PM PRANAM Yojana को मिली मंजूरी, तीन साल में खर्च होंगे 3.68 लाख करोड़

PM PRANAM Yojana – केंद्र सरकार द्वारा देशभर के किसानों को सहायता पहुंचाने के लिए रसायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। लेकिन अब सरकार के सामने एक समस्या उत्पन्न हो गई है कि किसानों द्वारा रसायनिक उर्वरकों (Chemical Fertilizers) का उपयोग बहुत अधिक किया जाने लगा है। जिसके कारण केंद्र सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए केंद्र सरकार एक योजना को शुरू करने पर विचार कर रही है। इस योजना का नाम PM PRANAM Yojana (पीएम प्रमोशन ऑफ अल्टरनेटिव न्यूट्रिशियंस फॉर एग्रीकल्चर मैनेजमेंट योजना) है। पीएम प्रणाम योजना का मूल उद्देश्य रसायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी के बोझ को कम करना है। अगर आप एक किसान हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को नीचे तक अवश्य पढ़ें। क्योंकि हम आपको बताएंगे कि PM PRANAM Yojana से केंद्र सरकार के साथ-साथ देश के किसान भाइयों को क्या लाभ मिलेगा?

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PM PRANAM Yojana 2024

केंद्र सरकार द्वारा PM PRANAM Yojana को केमिकल फर्टिलाइजर पर बढ़ती हुए सब्सिडी के बोझ को कम करने के लिए शुरू किया जा रहा है। क्योंकि सरकार पर 2022-23 में सब्सिडी का बोझ 2.25 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। यह पिछले साल के आंकड़ों से 39% अधिक होगा। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीएम प्रणाम योजना के लिए अलग से कोई बजट निर्धारित नहीं किया जाएगा। इसे उर्वरक विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत मौजूदा उर्वरक सब्सिडी की बचत से वित्त पोषित किया जाएगा। सब्सिडी बचत का 50% पैसे बचाने वाले राज्यों को अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। जिसमें से यह राज्य सरकार अनुदान का 70% गांव, ब्लॉक, और जिला स्तर पर वैकल्पिक उर्वरक उत्पादन इकाइयों को तकनीक अपनाने और वैकल्पिक रूप से संपत्ति निर्माण के लिए उपयोग करेंगे और बचे 30% अनुदान का उपयोग उन किसानों, पंचायतों, किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूह को पुरस्कार देने एवं प्रोत्साहित करने के लिए किया जाएगा जो उर्वरक के इस्तेमाल में कमी और जागरूकता पैदा करने में शामिल होंगे।

01st July Update – पीएम प्रणाम योजना को 3.68 लाख करोड़ रुपए की दी गई मंजूरी

रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल घटाने और वैकल्पिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करने को लेकर बुधवार को नई योजना पीएम प्रणाम को मंजूरी दी गई है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों के लिए पीएम प्रणाम योजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई हैं। PM Pranam Yojana के तहत कैबिनेट ने 3.68 लाख करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। आपको बता दें कि फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-23 के बजट पेश करने के दौरान पीएम प्रणाम योजना को लागू करने की घोषणा की थी। जिसे 28 जून 2023 को लागू कर दिया गया है। पीएम प्रणाम योजना के माध्यम से 3000 करोड़ रुपए की सब्सिडी की बचत होगी। इस योजना के माध्यम से वैकल्पिक उर्वरकों और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। जिसके लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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पीएम प्रणाम योजना में वैकल्पिक उर्वरको को दिया जाएगा बढ़ावा

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2023 को संसद में बजट 2023 24 पेश किया है। इस बजट में वित्त मंत्री ने किसानों को राहत देने के लिए विशेष घोषणा की है। देश के सभी राज्यों में किसानों को खेती में मदद करने के लिए वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिसके लिए कृषि प्रबंधन योजना (पीएम प्रणाम) पेश की जाएगी। सरकार के इस कदम से राज्यों को उर्वरकों का उपयोग कम करने के लिए प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी। साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकारों को यूनिटी मॉल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इन मॉल में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी ) और भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादकों का प्रचार और बिक्री की जाएगी।

Details of PM PRANAM Yojana 2024

प्रस्तावित योजना का नाम पीएम प्रणाम योजना
शुरू की जा रही है केंद्र सरकार द्वारा
उद्देश्य केंद्र सरकार के ऊपर बढ़ते हुए रसायनिक उर्वरकों के सब्सिडी बोझ को कम करना
लाभार्थी केंद्र सरकार और देश के किसान भाई
संबंधित विभाग उर्वरक विभाग
साल 2023
अधिकारिक वेबसाइट अभी ज्ञात नहीं है।

पीएम प्रणाम योजना का उद्देश्य

PM PRANAM Yojana का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के ऊपर बढ़ती हुई केमिकल फर्टिलाइजर सब्सिडी के बोझ को कम करना है। क्योंकि हर साल किसानों द्वारा केमिकल फर्टिलाइजर की मांग बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसे में केंद्र सरकार के ऊपर सब्सिडी का बोझ हर साल बढ़ता ही जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सरकार ने केंद्रीय बजट 2021-22 में केमिकल फर्टिलाइजर सब्सिडी के रूप में 79530 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, जो संशोधित अनुमान में बढ़ाकर 1.40 लाख करोड़ रुपए हो गए हैं और 2021-22 में अंतिम आंकड़ा 1.62 लाख करोड़ रुपए को छू गया है। 2022-23 में सरकार ने 1.05 लाख करोड़ रुपए का बजट रखा है। लेकिन उर्वरक मंत्री ने कहा कि इस साल सब्सिडी का आंकड़ा 2.25 लाख करोड़ रुपए को पार कर सकता है।

अब यह आंकड़ा हर साल ऐसे ही बढ़ता जाएगा। क्योंकि देशभर के किसान भाइयों के द्वारा रासायनिक उर्वरकों का बहुत अधिक मात्रा में उपयोग किया जाने लगा है। इसलिए केंद्र सरकार ने पीएम प्रणाम योजना को शुरू करने पर विचार किया है। इस योजना के माध्यम से सरकार के ऊपर बढ़ती हुई रसायनिक उर्वरक सब्सिडी के बोझ को कम किया जा सकेगा।

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PM PRANAM Yojana का कार्यान्वयन

  • पीएम प्रणाम योजना के लिए अलग से कोई बजट निर्धारित नहीं किया जाएगा यह उर्वक विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत मौजूदा उर्वरक सब्सिडी की बचत से वित्तपोषित की जाएगी।
  • केंद्र सरकार द्वारा मौजूदा उर्वरक सब्सिडी बचत का 50% राज्य सरकारों को अनुदान के रूप में दिया जाएगा।
  • राज्य सरकार द्वारा अनुदान का 70 फीसदी गांव, ब्लॉक, और जिला स्तर पर वैकल्पिक उर्वरक उत्पादन इकाइयों को तकनीक अपनाने और वैकल्पिक रूप से संपत्ति निर्माण के लिए उपयोग किया जाएगा।
  • बचे हुए 30 फीसदी अनुदान को राज्य सरकार उन किसानों, पंचायतों, किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूह को पुरस्कार देने एवं प्रोत्साहित करने के लिए करेंगी जो उर्वरक के इस्तेमाल में कमी और जागरूकता पैदा करने के कार्य में शामिल होंगे।

PM PRANAM Yojana के लाभ एवं विशेषताएं

  • पीएम प्रमोशन ऑफ अल्टरनेटिव न्यूट्रिशियंस फॉर एग्रीकल्चर मैनेजमेंट योजना का सीधा लाभ केंद्र सरकार को और साथ ही किसान भाइयों को भी मिलेगा।
  • इस योजना के माध्यम से रसायनिक उर्वरकों पर बढ़ती हुई सब्सिडी के बोझ को कम किया जाएगा।
  • 2022-23 मे सब्सिडी का बोझ 2.25 लाख करोड़ होने की उम्मीद है जो पिछले साल के आंकड़े से 39% अधिक होगा।
  • देशभर में किसानों के द्वारा रसायनिक उर्वरकों का उपयोग बढ़ता ही जा रहा है। इस उपयोग को कम करने और सब्सिडी के बोझ को कम करने के लिए इस योजना को शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
  • PM PRANAM Yojana के तहत केंद्र सरकार राज्य सरकारों को गांव, ब्लॉक, जिला स्तर पर वैकल्पिक उर्वरकों और वैकल्पिक उर्वरक उत्पादन इकाइयों को तकनीकी अपनानी से संबंधित संपत्ति निर्माण के लिए अनुदान देगी।
  • यह अनुदान उर्वरक विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत मौजूदा उर्वरक सब्सिडी की बचत से वित्तपोषित किया जाएगा।
  • रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों, जिन्होंने इस योजना को लेकर विचार किया है उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों को 7 सितंबर को आयोजित हुए रबी अभियान के लिए कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित योजना के बारे में जानकारी साझा की है।

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